इस दौरान पल्लेदार मजदूर यूनियन (सीटू) अध्यक्ष भंवरलाल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को रद्द कर 4 श्रम संहिताएं लागू करने का प्रयास मजदूर विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन श्रम संहिताओं के जरिए पूंजीपतियों को मजदूरों के शोषण की खुली छूट दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इन श्रम संहिताओं से मजदूरों के काम के घंटे बढ़ाने, नियोजकों को श्रम की लूट का अधिकार देने, तथा मजदूरों के संगठन बनाने के अधिकार को कमजोर करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
साथ ही उन्होंने मांग की कि मनरेगा कानून को समाप्त करने, नए बिजली कानून तथा बीज विधेयक के खिलाफ भी सरकार को तुरंत कदम वापस लेने चाहिए।
यह विरोध प्रदर्शन ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी हड़ताल कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय किसान सभा के हनुमान परिहार, पल्लेदार मजदूर यूनियन मंडी अध्यक्ष भंवरलाल, सीटू अध्यक्ष जयगोपाल, एसएफआई जिला अध्यक्ष गोपाल शेखासर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस दौरान भंवरलाल, भागीरथ राम, ताजाराम, दीपाराम परिहार, तिलोक राम, रविंद्र चौहान, पुखराज लीलावत, कैलाश पंवर, उम्मेद, ओंकार, माधव, रफीक, कैलाश, सुरेश, अमरचंद, हुकमाराम, दीपक गोयल, विक्रम, जयकिशन, कंवरलाल, अशोक कुमार, खेताराम, रघुवीर, कमल, जगदीश, गणेश सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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